उत्तराखंड में बढ़िगै ठंड- उदय किरौला

उत्तराखंड में बढ़िगै ठंड- उदय किरौला

उत्तराखंड में बढ़िगै ठंड

               आमा-बूबू, ठुल बौज्यू-ठुलि ईजा, कका-काकी, ताऊ-ताई, ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कै प्यार आशीष। 

           उत्तराखंड में आज भोउ चुनावौं कै क्वीड़ है रयीं। क्वे कुणौ मोदी लहर में दुबार भाजपा जीतणी छू। क्वे कूणौ महंगाई इतू हैगै। भाजपा वालूल ठीक चुनाव बखत गैरसैण में विधान सभा सत्र नि बुलाय। य नुकसान उनूकै ह्वौल क्वे कूणौ कि ऐल भाजपा वाल कुर्सी में छन। उ गैरसैण कैं राज्यै स्थाई राजधानी बणौणा लिजी कानून बणै दिं तो फिर तो अघिल सरकार उनेरि छू। लोग ऐला फ्यार आप पार्टी वालूं कैं लै देखण रयीं। आप पार्टी वालूंल दिल्ली में कुमाउनी गढ़वाली साहित्य अकादमी बणै रै। य वजैल ल उनूंकै कुछ सीट तो ऐल जरूर मिलण रयीं बल। य लोग बताण रयीं। क्वे कूनी कि यशपाल आर्या ज्यू कांग्रेस में आई बाद कांग्रेस पार्टी सरकार उणै लै संभावना छू। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि भाजपा वालूं कै गैरसैण कैं राजधानी बणै दिण चैं। ऐल त(तवा) गरम हैरौ। उनूंकै मौकौ फैद उठौण चैं। सभापति ज्यू कूनी भोल हूं हारि बे गैरसैण कैं राजधानी बनाणै बात बेइमानी छू। जसै आज भोउ कांग्रेस वाल करण रयीं। उसी तो पहाड़ में यू के डी और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी वाल लै आपुण जुगूत में लागि रयीं। लोग कूनी कि यूकेडी वाल बीजेपी और कांग्रेस पार्टी बी टीम छन। जो पार्टी सरकार आलि उ पार्टी कैं समर्थन दिणी छू य पार्टी। बहरहाल उत्तराखंड में सब आपुण सरकार बनाणा लिजी जोड़ तोड़ करण रयीं।

        उत्तराखंड में ठंड बहुत बड़िगो। य बीच द्यो छिट क्ये पड़ी। समझो भरखर ह्यौन लागि गो। रतै ब्याल ठंडै वजैल थुरूड़ि कांपन है जाणै। रात हूं रजाई ओड़ि बे ले आंग में त नि ऊण रौय। रतै ब्याल सगड़ में आग तापण रयीं। मंगसीर आदू न्हैगो। पुसौ म्हैण लागणी छू। एक झमैक द्यो है जानौ तो मौसम ठीक है जांछी। पहाड़ पन खालि क्वर ठंड हैरौ। कोरोना बीमारी दुबार लौटि बे ऊणी छू बल। सब डरन है रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि पैली बटी ह्यौन में ननां गलाड़ फुटि बे लाल है जांछी। हाथ खुट और गलाड़ा मेंं चिर पड़ि जांछी। आब तो लोग एक है एक क्रीम लगाण रयीं। कोरोना में मास्क लगै बेर गलाड़ फुटण कम हैरौ। मुख, नाक और गलड़ां बचाव लै है जाणै। कोरोना बीमारी बड़ण रै कै खबर अखबारों में छपि रै। आब क्वे नई नाम लिबेर कोरोना दुबार ऊणी छू बल। सुणाई में ऐरे कि देश कोटूं में य नई बीमारी वजैल लोग बहुत परेशान है रयीं।   -हमार गौंक सभापत। 

– उदय किरौला। 

 

उदय किरौला ज्यूकि चिट्ठी-पत्री