टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

     ओलंपिक की जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में भारत के युवा जैवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। ओलंपिक खेलों में भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में पहली बार कोई पदक अपने नाम किया है। नीरज चोपड़ा ने फाइनल में 87.58 मीटर भाला फेंककर भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। 

     ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद गोल्ड जीतने वाले वह दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने हैं। अभिनव बिंद्रा ने साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में पहली बार व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड अपने नाम किया था। 

      नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में अपने पहले दो प्रयास में सबसे शानदार भाला फेंका। उन्होंने अपना पहला थ्रो 87.03 मीटर का फेंका और इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे थ्रो में 87.58 मीटर का थ्रो फेंका। इन दोनों प्रयासों की दूरी को नीरज के अलावा कोई और थ्रोवर छू भी नहीं पाया। 

      24 दिसंबर 1997 को पानीपत में जन्मे सूबेदार नीरज चोपड़ा भिएसएम ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक को जीतने वाले वह दूसरे भारतीय हैं।

    ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने से पूर्व नीरज ने बायडगोसच्ज, पोलैंड में आयोजित, 2016 आइएएएफ अंडर ट्वेंटी (U20) विश्व चैंपियनशिप में एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड के साथ भाला फेंककर स्वयं को साबित किया था। उसके बाद नीरज ने 85.23 मीटर का भाला फेंककर 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में सम्पन्न हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर भाला फेंककर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

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