राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में व्याख्यान का आयोजन

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में व्याख्यान का आयोजन

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास , भारत में व्याख्यान का आयोजन

      नई दिल्ली, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में 11 नवंबर को अपराहन 2 बजे न्यास के सभागार में व्याख्यान आयोजित किया। 

       राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो गोविन्द प्रसाद शर्मा ने न्यास के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है जिसे न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। शिक्षा के सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि न्यास का नई शिक्षा नीति में योगदान निर्विवादित है परन्तु पाठन संस्कृति का विकास करने के लिए हमें व्यक्तिगत रूप से भी अपनी भूमिका तलाशनी चाहिए।  

       कार्यक्रम का आरम्भ न्यास के हिंदी संपादक श्री पंकज चतुर्वेदी जी ने अपने व्याख्यान से किया जिसमें उन्होंने कहा कि देश में विविधता के कारण भारतीय शिक्षा प्रणाली को बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसे नई शिक्षा नीति द्वारा संबोधित किया गया है।      

       श्री राकेश कुमार, उप निदेशक, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने अपने सम्बोधन में नई शिक्षा नीति में न्यास की सहभागिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल अक्षर-ज्ञान नहीं है, सही मायने में शिक्षा वह है जो इंसान के चरित्र, व्यक्तित्व और मानसिक रूप से विकास करे।    

        सुश्री कैरोलिन पाओ, संपादकीय सहायक (अंग्रेज़ी) ने भी इस अवसर पर बात की। उन्होंने नई शिक्षा नीति कार्यान्वयन में न्यास की भूमिका के बारे में अपनी बात रखी और इस संबंध में न्यास द्वारा बच्चों के लिए प्रकाशित की गयी द्विभाषी पुस्तकों, एक्टिविटी पुस्तकों जैसे पहलों का उल्लेख किया।

       व्याख्यान का आयोजन न्यास सभागार के साथ साथ वर्चुअल माध्यम से भी किया गया जिसके माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालयों से अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हो सके।

      कार्यक्रम के अंत में न्यास की मुख्य संपादक और संयुक्त निदेशक श्रीमती नीरा जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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