सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में राज्य स्थापना दिवस पर गोष्ठी का आयोजन

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में राज्य स्थापना दिवस पर गोष्ठी का आयोजन

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में मनाया गया राज्य स्थापना दिवस

 

     अल्मोड़ा, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय,अल्मोड़ा में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर भंडारी ने कहा कि राज्य अब अपने युवावस्था में पहुंच गया है। हमने राज्य स्थापना के उपरांत कई क्षेत्रों में कीर्तिमान रचे हैं। यह हमारे लिए हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा की राज्य बनने के उपरांत परिवर्तन आया है। आरंभ से विकास की कई गतिविधियां गतिमान हैं। 

      पर्वतीय राज्य आंदोलन को लेकर अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन को लेकर उस समय कई राज्य आंदोलनकारी समितियां जिम्मेदारियां समझते हुए कार्य कर रही थीं,जिनमें प्रमुख संस्थाओं के रूप में पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन में मैंने भी बढ़- चढ़कर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। केंद्रीय स्तर पर कार्य कर रही संघर्ष समितियों के साथ भी पर्वतीय राज्य को लेकर कार्य किया। अल्मोड़ा में स्वर्गीय पी सी जोशी जी को स्मरण करते हुए कहा कि स्व. जोशी जी के नेतृत्व में अल्मोड़ा में बहुत शांत तरीके से पर्वतीय राज्य आंदोलन को लेकर भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य के विकास के लिए सभी सकारात्मक होकर अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर हुआ है। यहां के युवा शिक्षा क्षेत्र में इस देवभूमि का नाम राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर बढ़ा रहे हैं। 

 

      विश्वविद्यालय के संबंध में कहा कि विश्वविद्यालय ने अपना संरचनात्मक स्वरूप ग्रहण कर लिया है। विश्वविद्यालय में नवीन शिक्षा नीति की गतिविधियां गतिमान हैं, परीक्षा गतिविधियों का सफल संचालन हो रहा है, विभिन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक संस्थाओं से एमओयू किये गए हैं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिष्ठाता बनाये गए हैं, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों ने अपने विभागों में ऊर्जा दिखाई है। अब यह विश्वविद्यालय प्रगति पथ पर बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमने आज हम बेहतर स्थिति में है। साथ ही कहा कि विश्वविद्यालय में परफोर्मिंग आर्ट, जियोलॉजी, होम साइंस, सैन्य विज्ञान आदि विषयों को लेकर चर्चा की।

     उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों, कर्मियों और विद्यार्थियों के सहयोग से हमने विश्वविद्यालय के लिए सकारात्मक कार्य किये हैं। अभी भविष्य में कई कार्य हमें कार्य करने हैं । भविष्य में हम विभिन विषयों को लेकर पुनः संरचना (री स्ट्रेक्चरिंग) करेंगे। 

     इस अवसर पर डीन शैक्षिक प्रो.शेखर जोशी को कलाश्रय द्वारा चतुर्थ सरस्वती सम्मान दिए जाने पर कुलपति प्रो भंडारी ने बधाइयाँ दी। 

      इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो सुशील कुमार जोशी, डीन अकादेमिक प्रो.शेखर जोशी, लियाकत अली(विश्वविद्यालय क्रीड़ा प्रभारी), विपिन जोशी, ,देवेंद्र पोखरिया,त्रिलोक बिष्ट, कैलाश छिमवाल,एम एम पांडे, वीरेंद्र जोशी, डॉ ललित जोशी (विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी) और गोविंद मेर आदि सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे। 

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